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November 2013

उनकी वाणी में बोलना – “विश्व बैंक समूह के वित्त” बहुभाषी हो गया है

Prasanna Lal Das's picture

हमारी दुनिया आँकड़ों की बढ़ती हुई मात्रा से भरी हुई है, परन्तु संभावित दर्शकों के लिए ये आँकड़े कम उपयोगी होते हैं जिसका सबसे स्वाभाभिक कारण है - आँकड़े उनकी भाषा ही नहीं बोलते हैं।