क्‍या ओपन डेटा (खुला/सर्वसुलभ डेटा) की वजह से ऊर्जा खपत में कमी आ सकती है (और इसलिए जलवायु परिवर्तन धीमा हो सकता है)? क्‍या ओपन डेटा से मातृत्‍व स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं बेहतर हो सकती हैं (और इस तरह…

Prasanna Lal Das, Alla Morrison |

हमारी दुनिया आँकड़ों की बढ़ती हुई मात्रा से भरी हुई है, परन्तु संभावित दर्शकों के लिए ये आँकड़े कम उपयोगी होते हैं जिसका सबसे स्वाभाभिक कारण है - आँकड़े उनकी भाषा ही नहीं बोलते हैं।

Prasanna Lal Das |